Management in Hindi | Function Of Management In Hindi

What is Management in Hindi, Functional Management In Hindi: प्रबंधन यह संगठनात्मक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मानवी संसाधनों का प्रभावी ढ़ंग से और कुशलतापूर्वक उपयोग करने के लिए संगठन में लोगों की योजना, आयोजन, अग्रणी और नियंत्रित करने की एक प्रक्रिया है। प्रबंधन के अंतर्गत नियोजन संगठन, स्टाफिंग, नेतृत्व करना, निर्देशन, और नियंत्रण करना इत्यादी कार्य आते हैं।

what is management in hindi, types of management in hindi, function of management in hindi, प्रबंधन क्या है, प्रबंधन का अर्थ, level of management in hindi, management definition in hindi, management in hindi, मैनेजमेंट क्या है, definition of management in hindi, what are the functions of management, types of management in hindi,

तो आगे हम मैनेजमेंट (प्रबंधन) के बारे में जानेंगे की, प्रबंधन का अर्थ क्या है, what is management in hindi, definitions of management, प्रबंधन के स्तर, function of management, प्रबंधन की विशेषताएँ और प्रबंधन के बारे में सविस्तर में जानते है।

Management Definition In Hindi – प्रबंधन की परिभाषा

प्रबंधन यह किसी संगठन के मानव संसाधन, वित्तीय, भौतिक और सूचना संसाधनों को अपने लक्ष्यों तक कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए योजना बनाने, निर्णय लेने, व्यवस्थित करने, अग्रणी, प्रेरित करने और नियंत्रित करने की एक प्रक्रिया है।

हेनरी फेयोल के नुसार, प्रबंध का आशय पूर्वानुमान लगाना एवं योजना बनाना,आदेश देना, समन्वय करना और नियंत्रण करना है।

एफ. डब्ल्यू. टेलर के मतानुसार – प्रबंध यह ज्ञात करने की कला है कि, आप क्या करना चाहते है उसके अनुसार यह देखना की सर्वश्रेष्ठ एवं मितव्ययिता पूर्ण ढंग से कैसे किया जाता है।

क्रीटनर ने कहा की, प्रबंधन परिवर्तनशील पर्यावरण में सीमित संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करते हुए संगठन के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने के लिए दूसरों से मिलकर या उनके माध्यम से कार्य करने की एक प्रक्रिया है।

कई वैज्ञानिकों ने मैनेजमेंट की परिभाषा दी है, इन परिभाषाओं से यह स्पष्ट होता है की, प्रबंधन को निरंतर गतिविधियों द्वारा लक्ष्यों को प्राप्त करना, नियोजन, आयोजन, अग्रणी, और नियंत्रण इन सभी गतिविधियों और कार्यों के रूप में परिभाषित किया गया है।

What Is Management In Hindi – मैनेजमेंट क्या है?

सभी व्यावसायिक और संगठनात्मक गतिविधियों में प्रबंधन कुशलता और प्रभावी रूप से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके वांछित लक्ष्यों और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए लोगों को एक साथ लाने का कार्य है।

मैनेजमेंट का तात्पर्य विशिष्ट उद्देश्यों के लिए किसी उपक्रम में कार्यरत कर्मचारियों के कार्यों को इस प्रकार से नियोजित, समन्वित, अभिप्रेरित और नियंत्रित करने की प्रक्रिया से है, जिससे लक्ष्यों को कम से कम लागत पर अधिकतम कुशलता से प्राप्त किया जा सकेI वैसे देखा जाये तो मैनेजमेंट यह दूसरे व्यक्तियों के माध्यम से कार्य कराने की एक कला हैI

किसी भी समय सभी प्रकार के संगठन में जैसे सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक जैसे कार्यो में अपने लक्ष्यों को प्रभावपूर्ण और कुशलता से प्राप्त करने के लिए और अपनी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए और उसे व्यवस्थित करने के लिए प्रबंधन तकनीकों का उपयोग करते हैं।

प्रबंधन में एक लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से एक संगठन के प्रयास की योजना, आयोजन, स्टाफ, अग्रणी और नियंत्रण शामिल है। ऐसी प्रशासन गतिविधियों में संगठन की रणनीति निर्धारित करना और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कर्मचारियों के प्रयासों का समन्वय करना शामिल होता है।

Level of management in Hindi – प्रबंधन के स्तर

किसी भी संस्था या कंपनी में कई प्रबंधक एक ही संगठन या कंपनी में काम करते हैं। लेकिन वह एक ही स्तर पर काम नही करते है बल्कि वह विभिन्न पदों पर काम करते है और इन्ही पदों के पदानुक्रम को प्रबंधन का स्तर कहा जाता है, तीन प्रकार के प्रबंधन स्तर होते है। तो प्रबंधन के स्तर के बारे में आगे जानते है

1. Top Level of Management – उच्च स्तरीय प्रबंधन

टॉप लेवल मैनेजमेंट के पास अपने संगठन या कंपनी के ज्यादातर अधिकार और जिम्मेदारी होती है। यह अपने संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए योजना, नीतियां को निर्धारित करना और निर्णय लेने का काम करते है। इसलिए इन्हे तकनीकी ज्ञान से ज्यादा conceptual skills यानि वैचारिक कौशल की आवश्यकता होती है।

उच्च स्तरीय प्रबंधन में Board of directors यानि निदेशक मंडल, Chief Executive Officer यानि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), शेयरधारक, प्रबंध निदेशक, कार्यकारी समिति के प्रमुख अधिकारी शामिल होते हैं।

2. Middle Level Management – मध्य स्तरीय प्रबंधन

संगठन या कंपनी के मध्य स्तरीय प्रबंधन में विभागीय प्रमुख, शाखा प्रबंधक और जूनियर कार्यकारी अधिकारी होते हैं। विभागीय प्रमुख के अंतर्गत वित्त प्रबंधक, खरीद प्रबंधक इत्यादी का समावेश होता है। मध्य स्तर का प्रबंधन उच्च स्तर के प्रबंधन द्वारा चुना जाता है।

मिडल लेवल मैनेजमेंट यह टॉप लेवल मैनेजमेंट द्वारा बनाई गई योजनाये और नीतियों को कार्यान्वित करते है और यह उच्च स्तरीय प्रबंधन को नयी नयी योजनाओं के बारे में सलाह देने का काम भी करते है। यह ज्यादातर अपना वक्त सभी विभागों के बीच समन्वय और संवाद करने में बिताते है। मध्य स्तर के प्रबंधन के पास मर्यादित अधिकार और जिम्मेदारी होती है। ये टॉप और लोअर प्रबंधन के बीच मध्यस्थ की तरह काम करते है।

3. Lower Level Management – निचले स्तर का प्रबंधन

लोअर लेवल मैनेजमेंट में फोरमैन और सुपरवाइजर आते हैं। जिन्हें मिडिल लेवल मैनेजमेंट द्वारा चुना जाता है। इनका काम वर्कर्स और कर्मचारियों को निर्देशित करना होता है। यह श्रमिकों / कर्मचारिओं और मध्यम स्तर के प्रबंधन के बीच एक कड़ी को बनाए रखता है।

निचले स्तर के प्रबंधक दैनिक, साप्ताहिक और मासिक योजनाएँ बनाते हैं। उनके पास सिमित अधिकार होते है, और कर्मचारिओं से काम करवाने की ज्यादा जिम्मेदारी होती है। यह कर्मचारिओं को प्रबंधन द्वारा दिए गये निर्णयों के बारे में सूचित करते है। वह निर्देशन और नियंत्रण में अधिक समय बिताते हैं। और ये मिडल लेवल मैनेजमेंट को regularly report देने का काम करते हैं।

ये भी पढ़े: ISO की पूरी जानकारी – ISO क्या है, ISO full form, ISO के फ़ायदे

Function Of Management In Hindi – प्रबंधन के कार्य

What are the functions of management: management का प्राथमिक कार्य लोगों को संगठन के लक्ष्यों और उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए एक साथ काम करना है। प्रबंधन के अंतर्गत planning, organizing, स्टाफिंग, नेतृत्व करना, directing, नियंत्रण करना इत्यादी कार्य आते हैं। तो आगे हम प्रबंधन के इन कार्यो के बारे में सविस्तर में जानते है।

1. Planning – नियोजन

नियोजन यह मैनेजमेंट का बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। किसी भी कार्य की शुरुवात करने से पहले उनका नियोजन-प्लानिंग करना बहुत आवश्यक होता है। इसमे पहले से ही यह निर्धारित किया जाता है कि क्या कार्य करना है, किस प्रकार करना है, किसे करना है और कब तक पूरा करना है। इसी नियोजन द्वारा संगठन या किसी भी कार्य की गतिविधियों को पूरा किया जाता है।

2. Organizing – संगठन

एक बार संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए योजना बनाई जाती है, तो फिर संगठन योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक क्रियाओं और संसाधनों की जांच करता है। और आवश्यक कार्यों का, संसाधनों का निर्धारण करता है। इसके बाद ये निर्णय लेता है कि, किस काम को कौन करेगा, कहाँ और कब किया जाएगा।

संगठन में आवश्यक कार्यों को प्रबंध के योग्य विभाग या कार्य इकाईयों में विभाजित किया जाता है। संगठन की अधिकार शृंखला में अधिकार या विवरण देने के संबंधों का निर्धारण किया जाता है।

3. Staffing – कर्मचारी की नियुक्ति करना।

प्रौद्योगिकी की उन्नति, व्यवसाय के आकार में वृद्धि, मानव व्यवहार की जटिलता इत्यादी के कारण स्टाफिंग को अधिक महत्व दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सही व्यक्ति को सही काम पर लगाना है। इसका मतलब सही काम के लिए सही या उचित व्यक्ति की नियुक्ति करना, ताकि वह उस कार्यों को अच्छे और बेहतर तरीके से पूरा कर सकें, यह प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण कार्य है।

इसे मानव संसाधन कार्य भी कहते हैं, इसमें कर्मचारियों की भर्ती, चयन, कार्य पर नियुक्ति, प्रशिक्षण, प्रचार और स्थानांतरण इत्यादी शामिल हैं।

4. Directing – निर्देशन

निर्देशन का कार्य कर्मचारियों को नेतृत्व प्रदान करना, प्रभावित करना या अभिप्रेरित करना है, जिससे कि वह दिए गये कार्य को पूरा कर सकें। यह प्रबंधकीय कार्य का वह हिस्सा है जो संगठनात्मक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए संगठनात्मक तरीकों को सक्रिय करता है।

दूसरे व्यक्तियों से काम कराने की एक कला है। मैनेजर को अपने कर्मचारियों को सही दिशा में कार्य करने के लिए निर्देशन करना बहुत आवश्यक होता है। उन्हें यह बताना पड़ता है की क्या कार्य करना है, कैसे और किस तरीके से करना है और यह भी देखना पड़ता है की वह उसी तरीके से काम रहा है या नहीं।

5. Controlling – नियंत्रण करना

प्रबंधन के कार्य में नियंत्रण करना यह भी एक महत्वपूर्ण कार्य होता है। पहले की गयी planning के अनुसार सब काम उसी तरीके से और उसी प्लानिंग से हो रहा है नहीं, या उसमे कुछ सुधार हो सकता है या नहीं, यह देखना यानि इसपर नियंत्रण रखना भी बहुत आवश्यक होता है।

प्रबंध के इस कार्य को उस रूप में परिभाषित किया गया है, जिसमें वह संगठन/संस्था के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संगठन कार्य के performance यानि निष्पादन को निर्देशित करता है। नियंत्रण कार्य में निष्पादन के स्तर निश्चित किए जाते हैं, और वर्तमान निष्पादन को मापा जाता है।

इस तरह नियोजन, संगठन, कर्मचारी की नियुक्ति करना, निर्देशन देना, और कार्यों पर नियंत्रण करना यह प्रबंधन के कार्य है।

ये भी पढ़े: What is kanban system, Board in hindi – कनबन प्रणाली की जानकारी

Types of Management in Hindi – प्रबंधन के प्रकार

प्रबंधन के कई प्रकार है निचे हम प्रबंधन के कोन-कोनसे प्रकार है यह जानते है।

  1. Marketing Management
  2. Human Resources Management
  3. Information Technology Management
  4. Engineering Management
  5. Program Management
  6. Project Management
  7. Quality Management
  8. Design Management
  9. Knowledge Management
  10. Financial & Accounting Management

तो आपको Management – प्रबंधन के बारे में काफ़ी जानकारी मिली होंगी, तो आशा करते है की, आपको “What is Management in Hindi – Management kya hai” हमारी यह पोस्ट पसंद आयी होंगी, अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी, तो अपने दोस्तों में share करे और हमे कमेंट्स करके ज़रूर बताये।

About Rashmi Alone

I am a professional blogger from India. Here at "Hindi Sutra" I write all about Investment, Business, Internet, Management, Technology tips, Education, etc.

Leave a Comment